शादी से इन्कार पर घर में घुसकर हत्या मामले पर हाई कोर्ट ने अभियुक्तों को नहीं दी कोई राहत

हाई कोर्ट ने शादी से इन्कार करने पर घर में घुसकर युवती का धारदार हथियार से शरीर धड़ से अलग कर आतंकी तरीके से हत्या करने के अभियुक्त हैदर को मृत्यु दंड व अभियुक्त रिहान को आजीवन की सजा दिये जाने के मामले पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश रुड़की की ओर से हाई कोर्ट को भेजे गए अपने आदेश की पुष्टि करने के मामले पर सुनवाई की। न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने सरकार का पक्ष सुनने के बाद दोनों अभियुक्तों को कोई राहत नहीं देते हुए मामले को अंतिम सुनवाई के लिए रख लिया।


सोमवार की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान अभियुक्त रिहान व हैदर की तरफ से रिहा करने को लेकर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। रुड़की की एडीजे कोर्ट ने पिछले साल 12 जून को हत्या के अपराध के अभियुक्त हैदर को फांसी की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि इसको तब तक फांसी के फंदे में लटकाया जाए, जब तक इसकी मौत न हो जाए। कोर्ट ने 50 हजार जुर्माना भी लगाया, जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास से भी दंडित किया।
मामला कुछ ऐसा था की मृतका के भाई दिनेश ने वर्ष 2021 में थाना गंगनहर तहसील रुड़की जिला हरिद्वार में प्रार्थना देकर कहा कि उनकी बहिन को हैदर अक्सर परेशान करता है। जब घर पर नहीं थे उस दिन वह अपने दो अन्य साथियों के साथ घर में घुसा। उसके बाद तीनों ने उसके घुटने मोड़कर धारदार हथियार से गला धड़ से अलग कर दिया। आरोपित अक्सर उस पर शादी करने का दबाव डाल रहा था। बहिन ने जब मना किया तो उसने हत्याकांड को अंजाम दिया।