प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में प्रधानाचार्य के 90 और प्रधानाध्यापक के 93 प्रतिशत पद खाली हैं। वहीं, विभाग में प्रशासनिक अधिकारियों की भी कमी बनी हुई है। यही वजह है कि एक अधिकारी पर तीन-तीन जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में इस साल दो निदेशक सहित 14 अधिकारी सेवानिवृत्त होने से समस्या और गंभीर हो सकती है।

प्रदेश के सरकारी इंटर कालेजों में प्रधानाचार्य के 1385 में से 1250 पद खाली हैं। यही हाल सरकारी हाईस्कूलों का है जिनमें 910 में से 850 पदों पर प्रधानाध्यापक नहीं हैं। विभाग में प्रशासनिक अधिकारियों की भी कमी बनी है। इस कारण अपर निदेशक गढ़वाल कंचन देवराड़ी के पास अपर निदेशक माध्यमिक के साथ ही अपर निदेशक बेसिक शिक्षा का भी पदभार है।
कुमाऊं मंडल में भी गजेंद्र सिंह सौन के पास माध्यमिक के अपर निदेशक कुमाऊं मंडल के साथ ही अपर निदेशक बेसिक शिक्षा का प्रभार है। जबकि अपर निदेशक पदमेंद्र सकलानी के पास तीन प्रभार हैं। वह अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा के साथ ही अपर निदेशक एससीईआरटी और अपर निदेशक शिक्षा महानिदेशालय का कार्यभार संभाल रहे हैं। चमोली, रुद्रप्रयाग और ऊधमसिंह नगर में सीईओ के पद भी खाली हैं, जिनमें जूनियर अधिकारियों को सीईओ का प्रभार दिया गया है।