सीएम धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन को निर्देश दिए कि आपदा या आपात स्थिति में राहत, बचाव कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही जिलाधिकारी व विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में जाकर स्थिति का निरीक्षण करने को कहा । हेली सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा जाए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर दुर्गम व आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव कार्य तत्काल संचालित किए जा सकें।

उन्होंने भारत मौसम विज्ञान विभाग के प्रदेश के अधिकांश जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने व सोमवार रात से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के दृष्टिगत विभिन्न जिलों की स्थिति, बंद सड़क मार्गों, नदियों के जलस्तर, जलभराव, राहत एवं बचाव कार्यों व प्रशासन की तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने चारधाम यात्रा सहित प्रदेश के अन्य मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिक बारिश व भूस्खलन की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए तथा मौसम व मार्ग की स्थिति सामान्य होने के बाद ही उन्हें आगे जाने की अनुमति देने का निर्देश दिया। आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक व मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी सचिव आपदा प्रबंधन से जानकारी प्राप्त करने के साथ ही किसी भी आपात स्थिति में त्वरित व समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।