फर्जी जाति प्रमाणपत्र के जरिये नौकरी पाने वाली शिक्षिका के विरुद्ध उप शिक्षा अधिकारी डोईवाला की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। यहां बता दें कि सरकारी सेवा में फर्जी दस्तावेजों पर नियुक्ति पाने के मामले में शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए डोईवाला क्षेत्र में तैनात इस सहायक अध्यापिका की सेवा समाप्त कर दी थी।

विभागीय जांच में अनुसूचित जाति का प्रस्तुत प्रमाणपत्र कूटरचित पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई थी। मामला डोईवाला क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जौलीग्रांट प्रथम का है। आरोप था कि उन्होंने अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर आरक्षित श्रेणी का लाभ लेते हुए नियुक्ति पाई थी।
विभाग को शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई। जांच में प्रमाणपत्र की वैधता की पुष्टि संबंधित अभिलेखों से कराई गई, जिसमें दस्तावेज फर्जी पाया गया।इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक स्तर से कार्रवाई करते हुए उक्त शिक्षिका की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।
वहीं, उपशिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा डोईवाला शिवानी कौशल ने इस संबंध में कोतवाली में शिकायत देते हुए बताया कि उक्त अध्यापिका को उपशिक्षा अधिकारी विकासखंड प्रतापनगर टिहरी गढ़वाल के नियुक्ति आदेश आठ अगस्त 2013 के द्वारा अनुसूचित जाति की श्रेणी के अंतर्गत नियुक्ति प्रदान की गई थी।
जांच में यह नियुक्ति गलत अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र होने के कारण निरस्त कर दी गई है। उच्च अधिकारियों से मिले निर्देश के बाद उक्त शिक्षिका के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश मिले थे।इसके क्रम में तहरीर दी गई थी। वहीं, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुंठी ने बताया कि आरोपित शिक्षिका के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।